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शासन की संवेदनशील पहल से बदली माखन निर्मलकर की दुनिया, श्रवण-यंत्र से लौटी संवाद की क्षमता

by Bhupendra Sahu

रायपुर राज्य शासन की संवेदनशील और जनकल्याणकारी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। समाज कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल से कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर, वार्ड क्रमांक–2 निवासी श्री माखन निर्मलकर के जीवन में नई रोशनी आई है। लंबे समय से श्रवण बाधा से जूझ रहे श्री निर्मलकर को 31 दिसंबर 2025 को समाज कल्याण विभाग द्वारा श्रवण-यंत्र प्रदान किया गया, जिससे उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है।

श्रवण-यंत्र प्राप्त होने के बाद श्री निर्मलकर की सुनने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वे स्पष्ट रूप से बातचीत सुन पा रहे हैं और परिवारजनों, पड़ोसियों तथा समाज के अन्य लोगों से सहज संवाद स्थापित कर रहे हैं। संवाद की इस नई सुविधा ने उनके आत्मविश्वास को पुनः मजबूत किया है और उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर प्रदान किया है।

श्री माखन निर्मलकर ने बताया कि लंबे समय तक कम सुनाई देने के कारण उन्हें दैनिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लोगों से बात करने में संकोच और स्वयं को अलग-थलग महसूस करने की भावना उनके मन में घर कर गई थी। लेकिन श्रवण-यंत्र मिलने के बाद न केवल उनकी सुनने की समस्या दूर हुई है, बल्कि वे मानसिक रूप से भी सशक्त महसूस कर रहे हैं।

श्री निर्मलकर के शासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता ने उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया संबल दिया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को श्रवण-यंत्र जैसे सहायक उपकरण उपलब्ध कराना राज्य शासन की मानवीय सोच और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल से दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मविश्वास के साथ जीवन जी पा रहे हैं।

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