भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है। भावांतर योजना से किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल रहा है और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को आने वाले भविष्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री शनिवार को सागर जिले के खुरई में विभिन्न विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा, महिला, गरीब, किसान के जीवन को बेहतर बनानेे के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रत्येक किसान को 10 हजार रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बगिया मां के नाम योजना के माध्यम से एक एकड़ में बगिया लगाने पर सरकार के माध्यम से 2 लाख रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा है कि मध्यप्रदेश में खेती के साथ साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में पशुपालन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौशाला खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार के माध्यम से किसान कल्याण वर्ष में किसानों की खेती लाभ का धंधा कैसे हो इस पर सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खुरई में कृषि यंत्रों के निर्माण उद्योग को और आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन हो रहा है। सरकार ने इसे 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पाद को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। जिनसे से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 25 गायों के साथ डेयरी खोलने पर 40 लाख की योजना पर 10 लाख रुपए का अनुदान सरकार देगी।