नईदिल्ली। पिछले कुछ दिनों से भारी दिक्कतों का सामना कर रही इंडिगो एयरलाइंस ने परिचालन सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। उसने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को सूचित किया है कि वह सोमवार 8 दिसंबर से उड़ानों का संचालन कम करना शुरू कर देगी। उसने उम्मीद जताई है कि 10 फरवरी तक उड़ान का स्थिर संचालन सामान्य और पूरी तरह से बहाल हो जाएगा। हालांकि, अभी 8 दिसंबर तक कुछ उड़ानें रद्द हो सकती हैं।
इंडिगो ने डीजीसीए से पायलटों के लिए संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में रात्रिकालीन संचालन से जुड़े कुछ बदलावों को लेकर 10 फरवरी तक छूट मांगी है। हालांकि, अभी डीजीसीए ने इस पर सहमति नहीं जताई है। उसने एयरलाइन से मांगी गई विशिष्ट छूटों की समीक्षा के लिए प्रस्ताव मांगा है। बताया जा रहा है कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए एयरलाइन को कुछ राहत मिल सकती है। इससे कुछ हद तक समस्या कम होगी।
घरेलू बाजार में 60 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी वाली इंडिगो ने स्वीकार किया कि उसने नए एफडीटीएल नियमों के तहत अपने चालक दल के सदस्यों की जरूरतों का गलत आकलन किया, जिससे समस्या पैदा हुई। दूसरी तरफ, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने भी एक समीक्षा बैठक में एयरलाइन द्वारा स्थिति से निपटने के तरीके पर स्पष्ट नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इंडिगो को तत्काल परिचालन सामान्य करने और हवाई किराए में वृद्धि न करने को कहा है।
डीजीसीए ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए एफडीटीएल के संशोधित नियम लागू किए हैं, जिसमें पायलटों और चालक दल के सदस्यों को पर्याप्त आराम देने की बात कही गई है। इसका पहला चरण जुलाई में लागू किया गया था, जबकि दूसरा चरण नवंबर में लागू हुआ है। इसमें चालक दल के सदस्यों को हफ्ते में 36 घंटे की जगह 48 घंटे का आराम और स्टाफ 6 रात्रि लैंडिंग कराने की अनुमति की जगह सिर्फ 2 रात्रि लैंडिंग की अनुमति है।
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