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उद्योग मंत्री देवांगन ने प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क को दो महीने में पूर्ण करने और चार नए स्मार्ट इंडस्ट्रीयल एरिया का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के दिए निर्देश

by Bhupendra Sahu

रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं द्वारा अपेक्षित प्रगति न होने पर मंत्री ने जतायी नाराजगी
बॉयलर के नियमित व सघन निरीक्षण के दिए निर्देश
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने विभागीय काम-काज की समीक्षा की

रायपुर । प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने दोपहर मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री श्री देवांगन ने सीएसआईडीसी के अंतर्गत औद्योगिक पार्कों की स्थापना जानकारी लेते हुए रायपुर के उरला में 39 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क निर्माण की जानकारी लेते हुए इसे 30 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में उन्होंने प्रदेश में चार नए स्मार्ट इंडस्ट्रीयल एरिया का कार्य जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। इनमें जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सीलादेही बिर्रा, गतवा राजनांदगांव जिले के ग्राम बीजेतला नवा रायपुर में प्रस्तावित फार्मास्युटिकल पार्क एवं बस्तर जिले के ग्राम नियानार शामिल है। मंत्री श्री देवांगन ने रजिस्ट्रार एवं फर्म संस्थाएं के कार्यों के समीक्षा करते हुए विभाग से जुड़ी शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की तथा सभी कार्यों को समयसीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने पैसों के लेनदेन की शिकायते आने पर निलंबन की कारवाई की सख्त हिदायत दी ।।उन्होंने 92 निवेश पत्र जारी किए गए नए उद्योगों के काम शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के उप सचिव सुश्री रेना जमीन, ओएसडी श्रीमती कमलेश नंदनी साहू, रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं की पंजीयक श्रीमती पदमनी भोई साहू, उद्योग विभाग के अपर संचालक श्री आलोक त्रिवेदी प्रवीण शुक्ला एवं श्री संतोष भगत सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।

कोरबा में एल्युमिनियम पार्क के लिए जल्द जमीन हस्तांतरित प्रक्रिया को पूर्ण करें
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कोरबा में प्रस्तावित एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि उत्पादन कम्पनी ने अपने बोर्ड मिटिंग में बंद हो चुके पूर्व विद्युत संयंत्र के जमीन को उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने हेतु स्वीकृति मिल चुकी है, मंत्री ने जमीन हेंडओव्हर की प्रक्रिया जल्द पूरा कर एल्युमिनियम पार्क बनाने की दिशा में शीघ्र काम शुरू करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक पूंजी निवेश को बढ़ावा देने एवं निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हाल ही में जापान एवं दक्षिण कोरिया का दौरा किए है। इससे वैश्विक स्तर पर प्रदेश की औद्योगिक नीति को पहचान मिली है। निवेश हब की और प्रदेश बढ़ रहा है ।श्री देवांगन ने कहा कि निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। दिल्ली, मुबंई, बैंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा चुका है। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिल चुके है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में नया औद्योगिक वातावरण बन रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 लागू होने के पश्चात कम समय में ही प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हो रहा है। उद्योग विभाग द्वारा सिंगल विन्डो सिस्टम लागू कर सरलीकरण किया गया है।

उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने बैठक में भू-आबंटन के ऑनलाईन प्राप्त आवेदनों पत्रों के निराकरण की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित समयावधि में उद्योग स्थापित नही करने वाले प्रकरणों में नोटिस के पश्चात भू-निरस्तीकरण की कार्यवाही तथा फ्री-होल्ड के आवेदनों का व्यवसायिक उपयोग नही होने के संबंध में सूक्ष्मापूर्वक परीक्षण करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान औद्योगिक विकास नीति के अंतर्गत अनुदान, छूट, रियायतों के प्रकरणों की प्रगति, बकाया, भू-भाटक की वसूली, औद्योगिक पार्कों की स्थापना की प्रगति, औद्योगिक भू-आबंटन की प्रगति, जिलों में भू-आबंटन एवं लंबित संयुक्त स्थल निरीक्षण की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्य, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री फार्मलाईजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राईजेस, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना, विभिन्न अनुदान छूट एवं रियारतों की प्रकरणों की समीक्षा, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड, वाष्प्यंत्र निरीक्षकायल के कार्यों की समीक्षा की।

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