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13 सितम्बर को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन

by Bhupendra Sahu

न्यायाधीशों सहित सभी विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित

दंतेवाड़ा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार माननीय श्री विजय कुमार होता, प्रधान जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दंतेवाड़ा के द्वारा आगामी नेशनल लोक अदालत दिनांक 13 अगस्त 2025 को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों एवं न्यायाधीशगण के साथ बैठक आयोजित की गई। उक्त लोक अदालत हेतु जिला एवं सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा, व्यवहार न्यायालय सुकमा, व्यवहार न्यायालय बीजापुर एवं व्यवहार न्यायालय बचेली में खंडपीठ की गठन की जायेगी। साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी लोक अदालत की खंडपीठ बनेगी जिसमें राजस्व न्यायालय में लंबित मामलों की निराकरण किया जायेगा। साथ ही कुटुम्ब न्यायालय में परिवार संबंधी मामलों का निराकरण किया जायेगा।
इस संबंध में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा यह बताया गया की न्यायालयों में लंबित मामलों के अतिरिक्त बीमा संस्था, बैंक, विद्युत सेवा, दूरसंचार सेवा से संबंधित मामलों का निराकरण नेशनल लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के रूप में किया जायेगा। न्यायालय में लंबित मामले सिविल वाद, राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामले, दावा दुर्घटना, श्रम न्यायालय में लंबित मामलें का निराकरण किया जायेगा। धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस के मामले, धन वसुली वादों में यदि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से वादों का निराकरण किया जाता है तो न्यायालय शुल्क की वापसी होगी जिससे धन की बचत होती है।

लोक अदालत के लाभ है कि इससे वाद, व्यय और समय की भी बचत होती है, न्यायालय शुल्क अदा करना नहीं पड़ता है। लोक अदालत के आवाज के विरूद्ध अपील नहीं होती है। लोक अदालत में कोई भी पक्षकार जीतता या हारता नहीं है। आपसी सुलह से पक्षकार प्रकरण को निराकरण करते है। नेशनल लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों के लिए जिला न्यायालय परिसर में निःशुल्क चिकित्सा की व्यवस्था भी की जाती है। इस संबंध में जनसामान्य से यह अपील की गई है कि ऐसे मामले जो राजस्व न्यायालय, न्यायालय से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित है तो उसका निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते है।

उक्त बैठक में परिवार न्यायालय के न्यायाधीश श्री हरीश कुमार अवस्थी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश श्री मोहन प्रसाद गुप्ता, नक्सल कोर्ट के न्यायाधीश श्री सुनील जायसवाल, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री धिरेन्द्र प्रताप सिंग दांगी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अपूर्वा दाँगी, सचिव श्री अनन्त दीप तिर्की, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 श्री हर्षवर्धन जायसवाल, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कुमारी सुहासिनी ठाकुर, बीमा कम्पनी के अधिवक्ता श्री के. के. अवस्थी, श्री एन.के. साहू, अधिवक्ता, श्री दिलीप ठाकुर अधिवक्ता, श्री एन.के. ठाकुर, श्री अशोक जैन, श्री के. के. दुबे अधिवक्ता बैंक के अधिकारीगण एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित थे।

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