नई दिल्ली,। टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क एक नए विवाद में फंस गए हैं. अमेरिका की एक संघीय अदालत ने मस्क को एक मुकदमे का सामना करने का आदेश दिया है. यह मुकदमा एक ऐसी योजना से जुड़ा है, जिसमें लोगों से अमेरिकी संविधान का समर्थन करने वाली याचिका पर हस्ताक्षर करवाए गए और इसके बदले 10 लाख डॉलर जीतने का लालच दिया गया था.
वादियों का आरोप है कि मस्क और उनकी राजनीतिक समिति अमेरिका पीएसी ने यह प्रचार किया कि अगर लोग याचिका पर हस्ताक्षर करेंगे तो उनमें से कुछ को लॉटरी के जरिए हर दिन 10 लाख डॉलर का इनाम मिलेगा. लेकिन बाद में पता चला कि विजेताओं का चयन पहले से ही किया गया था. यानी यह योजना पारदर्शी नहीं थी और लोगों को धोखे में रखकर उनकी जानकारी इक_ी की गई.
एरिजोना की रहने वाली जैकलीन मैकएफर्टी नामक महिला ने यह मुकदमा दायर किया है. उनका कहना है कि उन्हें और अन्य मतदाताओं को नाम, पता, ईमेल और फ़ोन नंबर जैसी निजी जानकारी देनी पड़ी. उनका आरोप है कि यह जानकारी चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल की गई.
मस्क और उनकी समिति ने अदालत में कहा कि यह कोई अवैध लॉटरी नहीं थी. उनका दावा है कि जिन लोगों को 10 लाख डॉलर दिए गए, उनसे अमेरिका पीएसी का प्रवक्ता बनने और काम करने की उम्मीद की गई थी. यानी यह राशि एक तरह की भुगतान की गई भूमिका थी, न कि कोई इनाम. मस्क का कहना है कि उन्होंने किसी को गुमराह नहीं किया.
लेकिन टेक्सास के जिला न्यायाधीश रॉबर्ट पिटमैन ने कहा कि पीएसी के कई बयानों से यह जाहिर होता है कि यह योजना सचमुच एक इनाम या लॉटरी जैसी थी. ऐसे में आम लोग यह मान सकते थे कि वे लॉटरी में हिस्सा ले रहे हैं. अदालत ने माना कि वादी का दावा विश्वसनीय है और मुकदमा आगे बढऩा चाहिए.
गौरतलब है कि एलन मस्क ने 2024 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान का समर्थन करने के लिए यह पीएसी बनाया था. माना जा रहा है कि यह मामला अब राजनीतिक रूप से भी बड़ा मुद्दा बन सकता है.
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