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बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की प्रभारी सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले पहुंची ग्राम झलारिया

by Bhupendra Sahu

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर सुनी जमीनी हकीकत
जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का लिया जायजा, अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश
रायपुर । खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने आज अपने एक दिवसीय प्रवास पर विकासखंड बलरामपुर के ग्राम पंचायत झलारिया का भ्रमण किया। उन्होंने इस दौरान विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का अवलोकन करते हुए लाभान्वित हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनके अनुभव सुने और योजनाओं की प्रगति का आंकलन किया। खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने इस दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया। साथ ही जल संरक्षण सप्ताह के तहत श्रमदान कर जनभागीदारी का संदेश दिया।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर सुनी जमीनी हकीकत

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर सुनी जमीनी हकीकत

खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने इस अवसर पर महिला स्व-सहायता समूह की लखपति दीदी से मुलाकात कर उनकी आजीविका गतिविधियों की सराहना की। प्रभारी सचिव ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान एवं आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

ग्राम झलारिया पहुंचने पर प्रभारी सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले का स्वागत ग्रामीण महिलाओं ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के अनुसार पारंपरिक गीतों और तिलक लगाकर किया। प्रभारी सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी श्रीमती मानकी देवी से भी मुलाकात की और उनके पुराने एवं वर्तमान आवास के अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने नए घर में जीवन स्तर में आए बदलावों की जानकारी ली और उनके आवास का अवलोकन किया।

इस अवसर पर प्रभारी सचिव ने उनके आंगन में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और भावनात्मक जुड़ाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर रोपा गया पौधा सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि स्नेह, स्मृति और संस्कृति का प्रतीक है। इसके साथ ही “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत मनाए जा रहे जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत उन्होंने श्रीमती मानकी देवी के ही आवास परिसर में सोख्ता गड्ढा निर्माण कार्य में श्रमदान कर सहभागिता दिखाई और जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया “पानी बचाने की जिम्मेदारी केवल शासन की नहीं, समाज की भी है। जब गांव जागरूक होंगे, तभी जल का भविष्य सुरक्षित होगा।

“लखपति दीदी” श्रीमती फूलमती कुमरिया से की मुलाकात

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने श्रीमती फूलमती कुमरिया के निवास पर पहुंचकर उनके टमाटर की फसल का अवलोकन किया। श्रीमती फूलमती ने स्व-सहायता समूह से लोन लेकर 1 एकड़ भूमि में टमाटर की खेती कर रही है। श्रीमती फूलमती ने बताया कि वे अब तक 70 हजार रूपए के टमाटर का विक्रय कर चुकी है और लगभग उतनी ही फसल उनके खेत में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि वे अब लगातार खेती में नवाचार के साथ मेहनत कर रही हैं और आने वाले समय में “लखपति दीदी” की श्रेणी में शामिल होने का लक्ष्य रखती हैं। श्रीमती फूलमती ने आभार स्वरूप टमाटर से भरी टोकरी प्रभारी सचिव को भेंट की। यह भावनात्मक क्षण ग्रामीण आत्मीयता का प्रतीक रहा। श्रीमती कंगाले ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि “फूलमती जैसी महिलाएं स्वावलंबन की मिसाल हैं, वे केवल अपने परिवार के लिए नहीं, पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

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