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पीएम जनमन योजना से बदल रहा जनजातीय समुदाय का जीवन : राज्यपाल पटेल

by Bhupendra Sahu

भोपाल : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों को प्राथमिकता के साथ लाभान्वित कर रही हैं। पीएम जन-मन योजना के द्वारा बैगा, सहरिया एवं भारिया विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पक्का आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्‍वास्‍थ्‍य, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के पीएम जनमन ग्राम कोठी में बैगा जनजाति के लोगों से संवाद के दौरान कही।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के रूप में जनमन ग्रामों के समग्र विकास के लिए दूरदर्शी और संवदेनशील नेतृत्व मिलना हम सब के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशील हैं। समाज के पिछड़े वर्ग और व्यक्तियों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सतत् काम कर रहे हैं।

पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल जनमन ग्राम कोठी में बैगा हितग्राहियों के साथ संवाद कार्यक्रम के पहले, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राहियों के घर भी पहुचें। उन्होंने योजना से लाभ मिलने के बाद हितग्राही के जीवन में आए बदलाव को जाना।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने सर्वप्रथम पीएम जनमन आवास हितग्राही चंदाबाई बैगा, भल्लू बैगा और सोनी बैगा को प्रधानमंत्री आवास योजना से बने पक्के आवास में विधि-विधान और पूजा-अनुष्‍ठान के साथ गृह प्रवेश कराया। राज्यपाल श्री पटेल का बैगा समुदाय के लोगों ने तिलक लगाकर और शाल पहनाकर स्वागत किया। बैगा परिवारों ने उपहार स्‍वरूप उन्हें लोक कला पर आधारित पेन्टिंग भेंट की गई।

स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं का जीवन बदला

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक विकास हुआ है। महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं अब स्वयं का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही है। परिवार में भी महिलाओं का मान सम्मान बढ़ा है। राज्यपाल श्री पटेल ने संवाद कार्यक्रम में लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा भी की। इस दौरान आजीविका मिशन के मुर्गी पालन समूह की दीदी राजकुमारी ने बताया कि स्‍व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद करीब 8 हजार रूपये प्रतिमाह की अतिरिक्‍त आमदनी हो जाती है। पति खेती-किसानी का काम करते हैं, जिससे उनका अच्‍छे से जीविकोपार्जन हो रहा है।

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