नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लाभार्थियों की संख्या में कथित गिरावट को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि सबका साथ, सबका विकास का नारा कमजोर वर्गों के अरमानों का मजाक उड़ाता है.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक चार्ट साझा किया जिसमें उल्लेख है कि एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक बच्चों के लिए छात्रवृत्ति के लाभार्थियों में भारी गिरावट आई है. खडग़े ने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पोस्ट में कहा कि नरेंद्र मोदी जी, देश के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं की छात्रवृत्तियों को आपकी सरकार ने हथियाने का काम किया है.
उन्होंने दावा किया कि ये शर्मनाक सरकारी आंकड़े बताते हैं कि सभी वजीफों में मोदी सरकार ने लाभार्थियों की संख्या में भारी कटौती तो की है, साथ ही औसतन साल-दर-साल 25 प्रतिशत फंड भी कम खर्च किया है. खडग़े ने सवाल किया कि जब तक देश के कमजोर वर्ग के छात्रों को अवसर नहीं मिलेगा, उनके हुनर को प्रोत्साहन नहीं मिलेगा, तब तक हम अपने देश के युवाओं के लिए नौकरियां कैसे बढ़ा पाएंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि आपका सबका साथ, सबका विकास का नारा, रोजाना कमजोर वर्गों के अरमानों का मजाक उड़ाता है.
इससे पहले, राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि दोनों संविधान के खिलाफ हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत में विचारधारा की लड़ाई चल रही है. एक तरफ कांग्रेस पार्टी संविधान में विश्वास करती है और इसके लिए लड़ रही है.
दूसरी तरफ आरएसएस और भाजपा जो भारतीय संविधान, बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी के संविधान के खिलाफ हैं, इसे कमजोर करते हैं और इसे खत्म करना चाहते हैं. भारतीय संविधान सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी सोच है. इस संविधान में भारत के महान व्यक्तियों की आवाज और सोच है.
००