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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन, अमित शाह बोले-मध्य प्रदेश देश की कॉटन कैपिटल

by Bhupendra Sahu

भोपाल। मध्य प्रदेश में दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025 का मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने समापन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की कार्ययोजना मध्य प्रदेश ने बनाई है. 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मिला है. इसमें महत्तम निवेश जमीन पर उतरेंगे. अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक 130 करोड़ जनता के सामने भारत को एक पूर्ण विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने दुनिया में भारत को साल 2027 तक तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प भी लिया है. मध्य प्रदेश की ये इंवेस्टमेंट समिट दोनों ही लक्ष्यों को सिद्ध करने में सहायक होगी, बलिक योगदान भी देगी.
अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश ने औद्योगिक विकास के लिए जो नीतियां बनाई हैं, वो भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में सहायक होगी. उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी जब उद्योग लगाने के लिए जगह तलाश करती है, तो वह देखती है कि वहां के नीतियों में कितना स्थायित्व है. इस मामले में मध्य प्रदेश अग्रणी है. यहां बेहतर इंफ्रास्टक्चर भी बन चुका है. यहां वर्क फोर्स की फौज है. निवेशकों को शासन ने बेहतरीन ईको सिस्टम भी उपलब्ध कराया है.
मार्केट का ऐसा एक्सेस भी मध्य प्रदेश के अलावा किसी अन्य राज्य में नहीं है. यहां डिमांड ओरिएंटेड इकोनॉमी भी है. यहां के पारदर्शी शासन ने मध्य प्रदेश में इंवेस्टमेंट के लिए लोगों को आकर्षित किया है. शाह ने कहा कि यहां लैंड भी है, लेबर फोर्स भी. यहां माइंस भी हैं और मिनरल भी. यहां उद्योगों की संभावनाएं भी है और अवसर भी.
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश हमारे देश की भव्य सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है. जिसे चरितार्थ करने के लिए मध्य प्रदेश कई प्रयास कर रहा है. शाह ने कहा कि एक जमाना था, जब मध्य प्रदेश की बीमारू राज्य में गिनती होती थी. रोड, बिजली, सिंचाई और पानी की उपलब्धता के मामले में मध्य प्रदेश बीमारू था, लेकिन भाजपा के 20 साल के शासन में यहां 5 लाख किलोमीटर रोड नेटवर्क बिछाया गया. यहां 6 हवाई अड्डे, 31 गीगावाट की सोलर एनर्जी, जिसमें 30 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी है.
यहां आईआईएम और आईआईटी भी है. आज मध्य प्रदेश सबसे अधिक खनिज संपदा वाले राज्यों में अव्वल है. मध्य प्रदेश देश का काटन कैपिटल बन चुका है. देश में यहां से 25 प्रतिशत आर्गेनिक काटन की सप्लाई होती है. मध्य प्रदेश ईज आफ डूइंग बिजनेस के लिए जन विश्वास विधेयक पास करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त संसाधन हैं. यहां पर्याप्त पानी है. पर्याप्त लैंड बैंक है. निवेश के लिए अनुकूल व्यवस्था है. प्रधानमंत्री ने भी मध्य प्रदेश को इवी और स्वच्छ ऊर्जा के लिए देश में किए जा रहे प्रयासों के लिए सराहा है. हम अब तक 7 रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव कर चुके हैं. इसके साथ ही कोयंबटूर, बैंगलोर समेत अन्य राज्यों में समिट कर चुके हैं. इसके अलावा विदेशों में यूके, जर्मनी और जापान में मध्य प्रदेश में निवेश के लिए उद्योगपतियों से चर्चा की है. हमने मध्य प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर ईको सिस्टम बनाया है.
सीएम ने बताया कि हमने ये पूरा साल उद्योग और रोजगार के लिए समर्पित किया है. कृषि के क्षेत्र में बड़ी संभावना है. टेक्सटाइल्स, रियल स्टेट और हेल्थ सेक्टर में पर्याप्त संभावना है. सीएम ने बताया कि दो दिनों में यहां 25 हजार से अधिक उद्योगपति सम्मिलित हुए. इनमें 5 हजार से अधिक ने बी टू बी और 600 से अधिक ने बी टू बी बैठके की हैं. कल तक तक मध्य प्रदेश में 22.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दोनों दिन को मिलाकर करीब 27 लाख करोड़ का निवेश आया. जबकि दोनों दिन और 7 इंडस्ट्री कान्क्लेव में मिले निवेश को जोड़े तो यह आंकड़ा 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
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