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डबल इंजन के भरोसे मोहन सरकार

by Bhupendra Sahu

भोपाल । मध्य प्रदेश में भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में विकास के लिए डबल इंजन की सरकार का हवाला देकर वोट लिया। मतदाताओं ने भरोसा किया और 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीटें देकर भाजपा की सरकार बनवाई।

डबल इंजन की सरकार का लाभ भी मिला। जब जितना चाहा केंद्र सरकार से योजनाओं के लिए बजट मिला। एक फरवरी को फिर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट प्रस्तुत करेंगी।

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को भरोसा है कि यह प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला होगा। कर संग्रहण में बेहतर प्रदर्शन के कारण वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। यदि यह राशि मिल जाती है तो प्रदेश में निश्चित तौर पर विकास का पहिया तेजी से घूमेगा।

वर्ष 2024-25 के लिए सरकार ने 3,65,067 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया था। इसमें केंद्रीय करों का हिस्सा 5,753 और सहायता अनुदान 44,891 करोड़ का अनुमानित था यानी लगभग 26 प्रतिशत। पहली छमाही में केंद्रीय करों के हिस्से में 42,767 करोड़ रुपये जो बीते वित्तीय वर्ष की तुलना में 19.62 प्रतिशत अधिक रहे। हालांकि, केंद्रीय सहायता अनुदान में यह स्थिति नहीं रही।

अप्रैल से सितंबर 2024 के बीच केवल 12 हजार करोड़ रुपये ही मिले, जो इसी अवधि में वर्ष 2023-24 की तुलना में 28.37 प्रतिशत कम रहे। इसका बड़ा कारण विभागों द्वारा केंद्रीय योजनाओं में राशि का उपयोग करके उपयोगिता प्रमाण पत्र का समय पर न भेजना रहा।

जाहिर है कि इससे जल जीवन मिशन जैसी केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं का काम भी प्रभावित हुआ। इसे पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट के माध्यम से विभागों को अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई और नियमित निगरानी कर उपयोगिता प्रमाण पत्र भिजवाने प्रारंभ किए।

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