रायपुर खुद के पक्के घर में निश्चिंत होकर कौन नहीं रहना चाहता। यह सभी का एक बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिये हर व्यक्ति जी जान से मेहनत करता है। सोनी बाई भी पक्के घर का सपना दिल में लिए जी रही थी। सोनी बाई की किस्मत रंग लाई और अब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना से खुद का पक्का घर मिल गया है। पक्का घर पाकर वे बेहद प्रसन्न हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार और संवेदनशील सरकार ने आवासहीन परिवारों को पक्की छत देने के लिए
कृतसंकल्पित है। यह योजना न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थिर आवास भी प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्ही में से एक हैं कोंडागांव जिले के जनपद पंचायत फरसगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत चरकई की रहने वाली सोनी बाई कोर्राम, जिनका जीवन कई कठिनाइयों से भरा था। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनी बाई ने अपने पति को 20 वर्ष पूर्व खो दिया है। पति के मृत्यु के बाद परिवार चलाने की जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर आ गई। सोनी बाई के चार बच्चें हैं अपने पति को खोने के बाद बच्चों की परवरिश और जीवन यापन के लिए उन्होंने खेती और मनरेगा की मजदूरी का सहारा लिया। सोनी बाई के पास जमीन के नाम पर छोटा सा हिस्सा है जहाँ पर वह अपने बच्चों के साथ मिलकर खेती करती है। खेती से उतनी अच्छी पैदावार नहीं होती इस लिए उनके बेटे दूसरे के यहाँ मजदूरी का कार्य करते हैं ताकि सोनी बाई को घर चलाने में मदद मिले।