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सिर पर मटकी लेकर लंबे सफर से घोड़ाटोली के निवासियों को मिली निजात

by Bhupendra Sahu

सोलर ड्यूल पम्प स्थापना से ग्रामवासियों को सुबह से शाम तक मिल रहा पेयजल
रायपुर रहीम ने अपने दोहों में जल की महत्ता बताते हुए कहा है कि ’बिन पानी सब सून’। ये जल ही है जिसके बिना धरती पर जीवन का होना कठिन है, पर ये कठिनाइयां कुछ लोगों के जीवन में हकीकत बन जाती और कुछ के लिए मजबूरी का दूसरा नाम। ऐसी ही कहानी इचकेला ग्राम पंचायत के ग्राम घोड़ाटोली के 150 से अधिक ग्रामीणों के लिए हर दिन की बात हुआ करती थी, जहां घर से कुएं तक की लंबी दूरी तय कर सिर पर भारी भरकम पानी की मटकी ढोकर ग्रामीणों को कड़ी मेहनत और मसक्कत के बाद पेयजल प्राप्त हो पाता था। वर्षा के दिनों में दूषित पेयजल पीना पड़ता था, जिससे डायरिया, पीलिया जैसी कई गम्भीर बीमारियों के दंश से ग्रामीण अक्सर जूझा करते थे।

ऐसे में जब जल जीवन मिशन गांव में पहुंचा तो हर घर में नल पहुंचाने की बात शुरू हुई। लोगों को भरोसा ही नहीं हुआ कि पानी उनके घरों तक पहुंचेगा जिसके लिए उन्हें दूर कुएं तक जाना पड़ता है जो अब उनके घर तक खुद ब खुद आ जाया करेगा। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के द्वारा गांव में टंकी स्थापना का कार्य प्रारम्भ किया गया। 14 लाख की लागत से जल स्त्रोत की पहचान कर सोलर ड्यूल पंप की स्थापना गांव में की गयी। हर घर तक नलों के लैंप पोस्ट लगा कर सोलर पंप के माध्यम से पानी मिलना प्रारम्भ हो गया। ग्रामीणों की खुशी का ठीकाना ना रहा सभी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए इसका लाभ लेना प्रारम्भ किया।

घोड़ाटोली निवासी शांति बाई बताती है कि पहले उन्हें सुबह से घर की जरूरतों के लिए पानी लेने दूर कुएं तक जाना पड़ता था। कुएं में पानी निकालने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी जिसमें बहुत समय भी लग जाया करता था। इस कारण खाना बनाने और अन्य कार्यों में बहुत समय लगता था। अब सुबह से शाम तक घर के आंगन में ही पानी मिल मिल रहा है। जिससे समय पर खाना बनने के साथ अन्य कार्यों के लिए भी समय मिल जाया करता है। इसी तरह श्रवण संतोष कुजूर ने बताया कि मुझे हमेशा जल्दी उठकर हमेशा जल की तलाश एवं निस्तार के लिए बाहर जाना पड़ता था। पर अब सुबह सूर्याेदय के साथ ही घर में पानी आ जाता है। जिससे पीने के लिए पेयजल, निस्तार एवं अन्य जरूरतों के लिए पानी घर पर ही मिल जाता है जिससे जीवन आसान लगने लगा है।

सरोजनी टोप्पो ने बताया कि कुएं से सिर पर ढोकर लंबी दूरी से पानी लाना पड़ता था। जिससे रोज थकावट हो जाती थी और साफ सफाई के लिए पर्याप्त जल भी नहीं मिल पाता था। जल जीवन मिशन से पानी घर तक आने से थकावट नही होती साथ ही बाहर जाने की झंझट भी नही उठाना पड़ता है। घर पर पर्याप्त पीने के पानी से लेकर साफ सफाई और अन्य सभी गतिविधियों के लिए पानी मिल जाता है। जिससे अब नहाने और कपड़ा धोने के लिए भी बाहर नहीं जाना पड़ता और घर पर जल्दी से सभी काम निपट जाते हैं। इसके लिए हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हैं।

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