रायपुर जनजातीय संस्कृति और शिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ के अंतर्गत सारंगढ़ के साहू धर्मशाला में एक भव्य हस्तनिर्मित (हैंडीक्राफ्ट) वस्तु प्रदर्शनी सह विक्रय मेले का आयोजन किया गया। ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) द्वारा आयोजित इस मेले में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के, विशेषकर ग्राम बैगीनडीह के जनजातीय कारीगरों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
ग्राम बैगीनडीह का झारा शिल्प
इस मेले में ग्राम बैगीनडीह के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए झारा शिल्प और बेलमेटल (घंटी धातु) उत्पाद ग्राहकों और आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण रहे। प्रदर्शनी में शामिल अधिकांश महिला शिल्पकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित ‘कात्यायनी’ और ‘भारत माता’ जैसे स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से वे अपने पारंपरिक हुनर को आजीविका का मजबूत जरिया बना रही हैं।